जब एक दिन उसका वक्त बदला, और उसका भाव बदला, तो मेने कहा... कोई बात नही वक्त बताएगा, वक्त सबका आता है एक दिन हमारा भी आयेगा, उसका वक्त बिता और मेरा आया तब मेरा मन्न भी बात नही कर पाया उस दिन मेरा वक्त और भाव दोनो बदला और किसी तीसरे को मेने भाव नही डाला तब उस तीसरे ने कहा... कोई बात नही वक्त बताएगा, वक्त सबका आता है एक दिन हमारा भी आयेगा, और एसे ही वक्त बदलता चला वक्त- समय हमेशा सबका बदलता चला ख्वाबो का सिल-सिला उही बड़ता चला या उही बदलता चला। -पियूष गुरुनानी