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Story 6 - Blossom 2 - love story

Story-6 "Blossom " (part 2) -Piyush gurunani सोता रहा... वो सोता रहा...आया नहीं... तो वह उसके घर पहुंच गई यानी होस्टल । हॉस्टल के बाकी लड़के उसे घूर रहे थे क्योंकि वह बॉयज हॉस्टल था , उसने उसके रूम में घुसकर दरवाजा बंद कर दिया था  । देखा कि उसने फिर से गांजा पिया है  ,तो उसने उसका सारा माल पहले फ्लश किया और फिर उसे उठाया पर वो नहीं उठा , उसका प्यारा मासूम चेहरा देख एक बार के लिए उसने सोचा कि उसे चूम कर वहीं उसके पास सो जाए , पर उसने खुद को संभाला और उसके मुंह पर पानी दे मारा । "बाढ़ आ गई , बाढ़ आ गई" "बाढ़ नहीं मैं हूं " "तुम कौन? तुम बाढ़ से कम हो क्या?" अच्छा साले म****** गांडू एक तो मैं वहां तेरा वेट कर रही थी और तू यहां पड़ा हुआ है  ,ऐसा ही था तो तूने मुझे बुलाया ही क्यों ? तेरा यार हर बार का हो गया है यही ड्रामा , अगर तुझे मुझ से नहीं है प्यार तो बता,  बता दे मेरे साथ पिछले 1 साल से टाइम पास क्यों कर रहा है । यू नो वी आर नॉट मेड फॉर ईच अदर तुम मुझे कभी समझते ही नहीं हो।  लड़के ने सिर खुजाया , उबासी ली और सोचा कि आज ये अचानक हुआ क्या...

Story -5 Blossom - love story

Story-5 "Blossom" -Piyush gurunani Principal ने उसे नही बुलाया था , वो लड़का झूठ बोलकर उसे साथ ले गया और कुछ दिन बाद वो चली गई दूसरे शहर , अपने घर , शायद वो लड़का भी साथ गया था क्योंकि दोनों का घर एक ही शहर में है। नही , वो दोनों अलग-अलग है , अलग-अलग है , "साथ नही है"...भेंछोद! तुझे समझ नही आता? अलग-अलग-अलग... को कब से खुद से ही बात कर रहा था और कुछ देर बाद वीडियो गेम खेलने लग गया , उसके रूम मेट्स भी घर जा चुके थे , वो घर नही गया- अब कोई लगाव बाकी न था । सिर्फ उससे मिलने की तमन्ना लिए , अपना गांजा खत्म कर , ब्लॉसम खेलते खेलते वही धै हो गया । उठा तो मिला अपने अंदर के रूप से , अपनी उम्र से दुगना । पाया अब वो , अब वो "एक कार्टून करैक्टर" बन चुका है । मगर उसने उससे मिलने की ठानी थी , वो उस पेड़ के नीचे आई थी । "वक्त शायद बेवक्त सा हो गया था , या शायद ये फासलों के दरमियाँ था" वो भागता रहा , उस तक पहुँचने के लिए , उसे पाने के लिए , घड़ी भी जैसे भाग रही हो , उसकी  उम्र बढ़ती जा रही थी... पर उसे मिलना था , मिलना है.... उसे रोकना चाहिए था , रोकना- हाँ ...