"Blossom " (part 2)
-Piyush gurunani
सोता रहा... वो सोता रहा...आया नहीं... तो वह उसके घर पहुंच गई यानी होस्टल । हॉस्टल के बाकी लड़के उसे घूर रहे थे क्योंकि वह बॉयज हॉस्टल था , उसने उसके रूम में घुसकर दरवाजा बंद कर दिया था । देखा कि उसने फिर से गांजा पिया है ,तो उसने उसका सारा माल पहले फ्लश किया और फिर उसे उठाया पर वो नहीं उठा , उसका प्यारा मासूम चेहरा देख एक बार के लिए उसने सोचा कि उसे चूम कर वहीं उसके पास सो जाए , पर उसने खुद को संभाला और उसके मुंह पर पानी दे मारा ।
"बाढ़ आ गई , बाढ़ आ गई"
"बाढ़ नहीं मैं हूं "
"तुम कौन? तुम बाढ़ से कम हो क्या?"
अच्छा साले म****** गांडू एक तो मैं वहां तेरा वेट कर रही थी और तू यहां पड़ा हुआ है ,ऐसा ही था तो तूने मुझे बुलाया ही क्यों ? तेरा यार हर बार का हो गया है यही ड्रामा , अगर तुझे मुझ से नहीं है प्यार तो बता, बता दे मेरे साथ पिछले 1 साल से टाइम पास क्यों कर रहा है । यू नो वी आर नॉट मेड फॉर ईच अदर तुम मुझे कभी समझते ही नहीं हो।
लड़के ने सिर खुजाया , उबासी ली और सोचा कि आज ये अचानक हुआ क्या ? मैंने इसे मिलने कब बुलाया , शायद मैं भूल गया होंगा... कुछ बोल भी...कॉफी पीएगी ?...वह फिर बरस पड़ी इस बार लड़का भी उबल उठा और वह दोनों एक दूसरे पर चिल्लाने व बर्तन फेंकने लगे । अचानक लड़की की आँखे नम हो उठी और स्वर मध्यम हो गए वह भी रुक गया, उसे लगा कि अब सब नॉर्मल है और लड़की ने केवल एक बात कही जिससे लड़का डर गया और संकोच में पड़ गया , वो बोली कि अब आगे क्या ? हमें लिविंग ट्राई करना चाहिए या या शादी...
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