"सोमनाथ" -पियूष गुरुनानी युति- मने कुछ हमज नी आई रिओ है , कटे जावा , अटे थो सब शु शु करे है वेन्डा गुजराती पीटर- तो फिर हम क्यों गुजरात घूमने आए युति- अबार ढबझा ...ओ भाई साहब भावेश- शु? म ने काई कीधू तमे?….. हु एकदम मजामा हॉ ने । युति- कई, कई, कई पीटर(बिच मे बोलता हुआ) - एक्चुअली वी वांट योर हेल्प अस वी आर टूरिस्ट , सो... भावेश- तमने शू तकलीफ़ छे भाई? युति- आपणे हमारी बातां हमज नी आईरिए? भावेश- भावेश - शु? मने काई कीधू तमे?….. हु एकदम मजामा हॉ ने । भावेश - तमने शू तकलीफ़ छे भाई? भावेश : मारे तारी जोड़े वात नथी करवी , हु जिग्नेश , सुरेश , मुकेश नथी , भावेश छू , पूरे पुरो गुजराती ए भी सूरत नो , अमे बाजू मा अज़ रहिए एटले तमार हाल चाल तो आवता जता पूछता अज आविए...ना समझया? हु भावेश पटेल , मने ढोकला , फाफड़ा अने हांडवो बऊ भावे.. क्यारेक आवजो घरे ...। मने ठंडू गमतु नथी, अमनें चालवु बहू गमे नहीं एटले अज़ एमे बिजनेस करिए। तमे क्याथी ? नाटक मंडली थी छो ? एक नाटक करीने कातो , एक गीत गाईने बतावो ने... (Sanedo-sanedo song) युति- अबारने , भघि जा । युति(भावे...