Story -8 "Roller- coster" - Piyush gurunani क्या अमित तू बकचोदी कर रहा है यहां गांड फटी पड़ी है , घरवाले मान नहीं रहे हैं बहुत फोर्स कर रहे हैं शादी के लिए , क्या करूं? अरे तो तू मना कर देना सिंपल ? अहा अहा क्या बात है यह तो मैंने सोचा ही नहीं... कईस नहीं होई सगे थारो मु घरि ने जाई रियो हूं (दोनों अपने चिप्स के पैकेट खत्म कर घर को निकल जाते हैं) उसका नाम अशफाक है जिसकी शादी तय होने वाली है, वो घर को जा रहा है, अपनी बाइक पर मानसी के बारे में सोचते हुए, मानसी कई सालों से अशफाक की बहुत अच्छी दोस्त है । मगर वो उसे कहीं ज्यादा और कुछ मानता है । वो सारे पल जो उन्होंने साथ गुजारे सब उसकी आंखों के सामने आने लगते हैं... - तू यह नए-नए चश्मे लाता कहां से है ? मुझे भी गिफ्ट कर दिया कर ज्यादा पैसे आ रहे हैं तो । -तेरे मेरे बीच में पैसे पगली? - थाने सिर्फ वेंडा बनाई नो आई सगे "नौटंकी" -मुं कई बनाऊ तू तो हेना वेंडी झालर ( मानसी गुस्से में दौड़ती है अशफाक आगे हंसता हुआ भाग रहा है ,मानसी कीचड़ में फिसल कर गिर जाती है ) -अहा S... वाह बेटे मौज कर दी -यार उठा अब मोच आ ...