Story-11 (holida series) "चित्र " -पियूष गुरुनानी. मैं प्रोफेसर मदन शर्म हूँ , इस विडिओ में आपको ,मेरे द्वारा खोजी गई ये गुफा के बारे में बताऊंगा , जिसकी दिवारो पर ये आकृतियां बनी हुई है , जो कि करोड़ो साल पुरानी है " पाषाण युग" की , इन्हें देखकर मैं उसी काल मे जा रहा हूँ और इन चित्रों के पीछे की कहानीयां सोच रहा हूँ.... हहस्जबशसौकव्मनानाबव्हो...(gyberish stone age) ये बात उस समय की है जब क्रम-विकास चल रहा था , जानवर से पूरी तरह मनुष्य होने के बीच का वक़्त , जब नर और मादा वस्त्रहीन रहा करते थे... ये नर बहुत बीमार है , फिर भी शिकार के लिए निकला है , तभी इसने देखा कि एक दूसरा नर उसी मादा के साथ यौन क्रिया कर रहा है जिसके साथ उसने संभोग किया था...वो आगे बड़ गया उसने उन्हें रोका नही ,शायद वो उसके साथ बिताए पल सोच रहा होगा जो अग्नि के समान है - जल , वायु और भूमि के मिश्रण से वो पल , पहाड़ , जंगल , नदि के पास... शिकार उसे मिला नही , वो अपनी इस गुफा को आ रहा होगा , तभी उसने मादा की चीख सुनी जैसे उसका शोषड़ हो रहै हो ,उसकी कमज़ोरी आ...