चौर पानी - कविता February 26, 2022 कविता- चौर पानी पानी भी चोर है साला.. एक ओर, शहर चुराए बेठा है, दिन मे आसमान और रात मे पुरा ब्रम्हांड चुराए बेठा है... -पियूष गुरुनानी Read more