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Nazme Gazle - poem (valentine week)


अर्थ के भी अर्थ होते है

अधुरे शब्दो को जो पुरा करे...

मेन्नू की
तेन्नू की
सान्नू की

मेन्नू की ,जो किसी और के लिए जाऊ..
तेन्नू की, मरता है तो मर जाए
और अपन काहे वक्त जलेए

सान्नू की, कल मरता है तो आज मर जाए
क्योंकि ,
जब उसने चाहा था जीना
नाम ने बोला कि इसे मरना हे या जीना

कौन जनता हे ये फिर्से होगा नही?

मै जानता हू ये होगा ही
होगा ही , होगा ही
और हमे तब कहना है कि
मेन्नू ही , तेन्नू ही , सान्नू ही..
-पियूष गुरुनानी

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